सोमवार, 16 जनवरी 2012

Wish You Hadnt Dropped By--काश! तुम ना पधारते



आप सोच रहे होंगे कि हिन्दी ब्लॉग पर इंग्लिश पोयम का क्या काम है|यह पोयम मेरे सुपुत्र ने बॉस डे (१६ अक्टूबर-११)पर लिखा था जिसे ऑफिस में बहुत सराहना मिली|इसे मैं इस ब्लॉग पर डालना चाहती थी, तो नियम के अनुसार मेंने पुत्र महोदय से इसकी अनुमति माँगी तो आशा के प्रतिकूल मुझे यह जवाब मिला कि यह पोयम तभी मिलेगी जब मैं इसका हिन्दी में अनुवाद करूँ और वही भाव लाऊँ जिस भाव से उसने लिखा है-तो प्रस्तुत है दोनों version-
गूगल से साभार
Wish You Hadnt Dropped By

======================

Monday morning, sleepy eyes,
Week starts 'n emotions reprise...
A mountain of work,
*And the end is not nigh*
I just hope that you do not drop by...

They say - time likes to fly,
Weekdays differ, this notion they belie,
Here cometh the smiling you,
*Another query.. and yet another lie*
I just wish you hadn't dropped by...


But things aren't always bad,
I've seen clouds that silver lining had...
When times are rough,
There is only you to rely -
For once I'm glad you did drop by...


Adrift in my dreams,
With riches galore in faraway realms...
Peace it is - that I cannot deny,
Its weekend now, and you'll not drop by...

---------------------------------------------
गूगल से साभार
काश! तुम ना पधारते
सोमवार को होती जब भोर
उनींदी आँखें सिर्फ़ देखतीं
र्वत से कामों का ढेर
ऑफ़िस में उस बोझ तले
*अन्तहीन कार्यों के बीच*
मन में आती है सोच
बॉस, कहीं तुम पधार ना जाओ|

फिर बदलते हैं दिन
सप्ताह के मध्य में
कुछ काम निपट जाते
कुछ अधूरे ही रहते
आते तुम, आती तुम्हारी मुस्कान
*प्रश्नों के असंख्य बाणों को धारते*
ओह बॉस! काश! तुम अभी ना पधारते|

पर जीवन की इतनी भी बुरी नहीं है गाथा
काले मेघों में भी रुपहली रेखा देता है विधाता
जब समय होता है प्रतिकूल
अँखियाँ तुम्हारे पथ को निहारतीं
बॉस, मुझे खुशी होती
जब तुम मेरी कुटी में पधारते|

सप्ताह के अंत में
जब मन होता
सुखद स्वप्नों में विलीन
ऑफिस से दूर और कष्टहीन
इस सुख के बीच,
तुम कार्य नहीं लाओगे
क्योंकि  सप्ताहांत में
बॉस, तुम पधार ही नहीं पाओगे !

ऋता शेखर मधु

13 टिप्‍पणियां:

  1. The well vsrsed poem composed in english by son as well as its hindi version by mother proves the proverb ”As mother as her child”.
    बेटा के प्रतिकूल जवाब के कारण आज हमें दो भावपुर्ण रचना एवं बॉस के प्रति उदगार पढने को मिली| निम्नलिखित दो पंक्ति पढ कर बहुत मजा आया-
    I just hope that you do not drop by...
    बॉस, कहीं तुम पधार ना जाओ|
    इस तरह के जुगलबन्दी के लिए बधाई|

    उत्तर देंहटाएं
  2. लाजबाब अभिव्यक्ति बहुत सुंदर रचना अच्छी लगी..
    new post--काव्यान्जलि --हमदर्द-

    उत्तर देंहटाएं
  3. अपनी सुविधा से लिए, चर्चा के दो वार।
    चर्चा मंच सजाउँगा, मंगल और बुधवार।।
    घूम-घूमकर देखिए, अपना चर्चा मंच
    लिंक आपका है यहीं, कोई नहीं प्रपंच।।
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

    उत्तर देंहटाएं
  4. बेटे को बधाई | सार्थक प्रयास किया है उन्होंने,

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति माँ-बेटे की !
    मेरे तरफ से बहुत - बहुत बधाई !
    आभार !

    उत्तर देंहटाएं
  6. दोनों ही लाजवाब हैं ... अच्छी लगी दोनों रचनाएं ...

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत ही बढ़िया । मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है ।

    उत्तर देंहटाएं
  8. सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ लाजवाब रचना लिखा है आपने! बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  9. लाजबाब !बहुत सुंदर अभिव्यक्ति ... बहुत - बहुत बधाई !

    उत्तर देंहटाएं
  10. बेटे को बधाई,बहुत सुंदर रचना ,बेहतरीन प्रस्तुति,......
    welcome to new post...वाह रे मंहगाई

    उत्तर देंहटाएं

  11. गज़ब है !
    यह अगर शिशिर ने लिखा है तब वह तो खुद बेहतरीन हिंदी जानकार है , बहरहाल आपको बधाई बढ़िया ट्रांसलेशन और भाव के लिए !

    मन में आती सोंच यही कि बॉस कहीं तुम आ न जाओ !

    उत्तर देंहटाएं

आपकी टिप्पणियाँ उत्साहवर्धन करती है...कृपया इससे वंचित न करें...आभार !!!